Kya Khoya Kya Paaya Hindi Lyrics – Khamoshiyan 2015

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Song Title: Kya Khoya Kya Paaya
Movie: Khamoshiyan (2015)
Singer: Naved Jafar
Composed: Ankit Tiwari
Lyrics: Rashmi Singh
Music label: Sony Music India

English Lyrics

Mere mann chal duniya se ab door chale
Raahon ki ungli thaame chalte chale (x2)


Na khushi aur na gham ho jahaan
Dhoond le koi aisi jagah
Kya khoya kya paaya
Itna kyun soche hai
Tu hai nadiya, tu hai dariya
Kyun khudko roke hai (x2)


Jo ho gaya hai woh hona tha
Jo ho raha hai woh hoyega
Kaahe hai kose laqeeron ko
Paayega wohi jo boyega
Ho naye kuch savere jahaan


Dhoond le koi aisi jagah
Kya khoya kya paaya
Itna kyun soche hai
Tu hai nadiya, tu hai dariya
Kyun khudko roke hai (x2)


Kadmon ko kar apne awaara
Mausam na honge ye dobara
Jeet na paayega woh jag mein
Khud se jo pehle se ho haara
Kuch naye se woh sapne jahaan


Dhoond le koi aisi jagah
Kya khoya kya paaya
Itna kyun soche hai
Tu hai nadiya, tu hai dariya
Kyun khudko roke hai (x2)


Mere mann chal duniya se ab door chale
Raahon ki ungli thaame chalte chale (x2)


Na khushi aur na gham ho jahaan
Dhoond le koi aisi jagah
Kya khoya kya paaya
Itna kyun soche hai
Tu hai nadiya, tu hai dariya
Kyun khudko roke hai (x2)

Hindi Lyrics

मेरे मन चल दुनिया से अब दूर चलें
राहों की ऊँगली थामे चलते चलें
मेरे मन चल दुनिया से अब दूर चलें
राहों की ऊँगली थामे चलते चलें
ना ख़ुशी और ना ग़म हो जहां


ढून्ढ ले कोई ऐसी जगह
[क्या खोया क्या पाया
इतना क्यों सोचे हैं
तू है नदिया, तू है दरिया
क्यों खुदको रोके हैं ]x २


जो हो गया है वो होना था
जो हो रहा है वो होयेगा
काहे है कोसे लकीरों को
पायेगा वही जो बोयेगा
हो नए कुछ सवेरे जहां
ढून्ढ ले कोई ऐसी जगह


[क्या खोया क्या पाया
इतना क्यों सोचे हैं
तू है नदिया, तू है दरिया
क्यों खुदको रोके हैं ]x २


क़दमों को कर अपने आवारा
मौसम ना होंगे ये दोबारा
जीत ना पायेगा वो जग में
खुद से जो पहले से हो हारा
कुछ नए से हो सपने जहां
ढून्ढ ले कोई ऐसी जगह

[क्या खोया क्या पाया
इतना क्यों सोचे हैं
तू है नदिया, तू है दरिया
क्यों खुदको रोके हैं ]x २

मेरे मन चल दुनिया से अब दूर चलें
राहों की ऊँगली थामे चलते चलें
मेरे मन चल दुनिया से अब दूर चलें
राहों की ऊँगली थामे चलते चलें
ना ख़ुशी और ना ग़म हो जहां


ढून्ढ ले कोई ऐसी जगह
[क्या खोया क्या पाया
इतना क्यों सोचे हैं
तू है नदिया, तू है दरिया
क्यों खुदको रोके हैं ]x २

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