WO AANKH HI KYA TERI SURAT NAHI JISME Lyrics – Khuddar 1994

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Song Title: Wo Aankh Hi Kya Teri Surat Nahi Jisme Lyrics
Movie: Khuddar
Singers: Kumar Sanu, Alka Yagnik
Lyrics: Zameer Kazmi
Music: Anu Malik
Music Label: Tips Music
Year: 1994

English Lyrics

https://www.youtube.com/watch?v=6_JWyM7ftIw

Humm.. wo aankh hi kya hunn.. teri surat nahi jisme
wo dil hi kya hunn.. teri chahat nahi jisme
wo aankh hi kya hunn.. teri surat nahi jisme


wo dil hi kya hunn.. teri chahat nahi jisme
wo dil hi kya teri chaahat nahi jisme
ho.. wo aankh hi kya hun.. teri surat nahi jisme
wo dil hi kya hun.. teri chahat nahi jisme


chhup chhup ke mohabbat naa meri jaan karenge
hum saare jamane me ye ailaan karenge
baadal bina barsaat barasti nahi hai
bin jyot ke baati kabhi jalti nahi hai


baadal bina barsaat barasti nahi hai
bin jyot ke baati kabhi jalti nahi hai
bin jyot ke baati kabhi jalti nahi hai


ho.. wo mandir kya hunn.. teri murat nahi jismen
wo aankh hi kya hunn.. teri surat nahi jismen
wo dil hi kya hunn.. teri chahat nahi jisme
wo dil hi kya teri chaahat nahi jisme


bin yaar ke kis kaam ke duniya ye jamana
bin yaar ke ye jindagi ye berang fasana
ek chand si surat ki jarurat hai sabhi ko
mehboob se apne to mohabbat hai sabhi ko


ek chand si surat ki jarurat hai sabhi ko
mehboob se apne to mohabbat hai sabhi ko
mehboob se apne to mohabbat hai sabhi ko


hunn.. wo ishq hi kya hun.. teri rangat nahi jismen
wo aankh hi kya hun.. teri surat nahi jisme
wo dil hi kya teri chahat nahi jismen


ho.. wo aankh hi kya hun.. teri surat nahi jisme
wo dil hi kya teri chaahat nahi jisme

Hindi lyrics

हम्म.. वो आँख ही क्या तेरी सूरत नहीं जिसमें
वो दिल ही क्या हो तेरी चाहत नहीं जिसमें
वो आँख ही क्या हूँ.. तेरी सूरत नहीं जिसमें
वो दिल ही क्या हूँ.. तेरी चाहत नहीं जिसमें


वो दिल ही क्या तेरी चाहत नहीं जिसमें
हो.. वो आँख ही क्या हूँ तेरी सूरत नहीं जिसमें
वो दिल ही क्या हूँ तेरी चाहत नहीं जिसमें
छुप छुप के मोहब्बत न मेरी जान करेंगे
हम सारे ज़माने में ये ऐलान करेंगे


बादल बिना बरसात बरसती नहीं है
बिन ज्योत के बाती कभी जलती नहीं है
बदल बिना बरसात बरसती नहीं है
बिन ज्योत के बाती कभी जलती नहीं है
बिन ज्योत के बाती कभी जलती नहीं है


हो.. वो मंदिर क्या हूँ.. तेरी मूरत नहीं जिसमें
वो आँख ही हूँ.. क्या तेरी सूरत नहीं जिसमें
वो दिल ही क्या हूँ.. तेरी चाहत नहीं जिसमें
वो दिल ही क्या हूँ.. तेरी चाहत नहीं जिसमें


बिन यार के किस काम की ये दुनिआ ये जमाना
बिन यार के ये जिंदगी बेरंग फ़साना
एक चाँद सी सूरत की जरुरत है सभीको
महबूब से अपने तो मोहब्बत है सभीको


एक चाँद सी सूरत की जरुरत है सभीको
महबूब से अपने तो मोहब्बत है सभीको
महबूब से अपने तो मोहब्बत है सभीको
हूँ.. वो इश्क ही क्या हूँ.. तेरी रंगत नहीं जिसमें


वो आँख ही क्या हूँ.. तेरी सूरत नहीं जिसमें
वो दिल ही क्या तेरी चाहत नहीं जिसमें
हो.. वो आँख ही क्या हूँ.. तेरी सूरत नहीं जिसमें
वो दिल ही क्या हूँ.. तेरी चाहत नहीं जिसमें

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